गिरिडीह

पेपर लीक आंदोलन में शामिल था आरोपी अंशु, 21 फरवरी को गिरिडीह टावर चौक में हुआ था कार्यक्रम

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झारखंड एकेडमिक काउंसिल की मैट्रिक परीक्षा का पेपर लीक कराने वाला आरोपी अंशु मिश्रा खुद ही इस घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल था। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि जिसने पेपर वायरल किया, वही साजिश को छुपाने के लिए आंदोलन में हिस्सा ले रहा था। 21 फरवरी को गिरिडीह के टावर चौक पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और आजसू छात्र इकाई द्वारा पेपर लीक के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया था। उसी भीड़ में अंशु मिश्रा भी खड़ा था और नारेबाजी कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, परीक्षा के प्रश्नपत्रों का पैकेट काटकर उसे लीक करने वाला कमलेश, अंशु मिश्रा के किराए के घर में रहता था। यहीं से पूरे पेपर लीक रैकेट को ऑपरेट किया जा रहा था। कमलेश ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि उसने पैसे लेकर प्रश्नपत्र को बेचने का काम किया। पेपर लीक होने के बाद इसे व्हाट्सएप ग्रुपों पर बेचा गया।

कई छात्रों और दलालों के जरिए यह प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही सर्कुलेट हो चुका था। पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। गिरिडीह पुलिस ने अंशु मिश्रा और कमलेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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