गिरिडीह के अंबेडकर चौक पर स्वर्गीय इंदिरा गांधी के पुण्यतिथि एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर गिरिडीह जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा जिला अध्यक्ष नरेश वर्मा की अध्यक्षता में कृषि विधेयक के खिलाफ एक दिवसीय उपवास का आयोजन किया गया।
इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष नरेश वर्मा ने कहा कि किसानों के हित में जब अंग्रेजी हुकूमत भारत पर थी तब गुजरात में सरदार पटेल जी ने सत्याग्रह आंदोलन चलाया था उस वक्त अंग्रेजी हुकूमत ने किसानों पर 22% अधिक कर लगा दिया था जिसका विरोध पटेल जी ने सत्याग्रह आंदोलन बारदोली से शुरू किया था और सरकार को बाध्य होकर कर को घटाकर 6% करना पड़ा था इसी आंदोलन के उपरांत इनको वहां के लोगों ने सरदार की उपाधि दी थी। आज के सरकार भी किसानों के खिलाफ तीन कानून लाकर यह साबित कर दिया है कि यह किसान विरोधी है जो इस देश में अनाज पैदा कर लोगों का पेट भरने का काम करते हैं आज आज उन्हें भी नहीं छोड़ा जा रहा है यह सरकार सभी मुद्दों पर फेल हो चुकी है युवाओं में काफी आक्रोश है कि रोजगार के नाम पर रोज ठगा जा रहा है। ना महंगाई कम हुई है ना ही किसी को रोजगार मिला है और जो भी रोजगार के सरकारी संस्थान थे उन्हें भी बेचा जा रहा है ऐसे हालत में यहां के लोग आखिर क्या करेंगे।
वहीं जिला उपाध्यक्ष अमित सिन्हा ने कहा कि इंदिरा गांधी जी के कार्यकाल के दौरान हरित क्रांति के द्वारा इस देश को अनाज के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का काम हुआ जिससे ना केवल देशवासियों को फायदा पहुंचा अपितु किसानों को भी अत्यधिक लाभ हुई। आज प्रधानमंत्री जी सभो को आत्मनिर्भर बनने का संदेश देते हैं तो बताएं कि लोग कैसे आत्मनिर्भर बनेंगे क्या केवल भाषण सुनकर। यह कृषि बिल आनन-फानन में केवल व्यापारिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए पास कराया गया है। मौके पर मुख्य रूप से डॉक्टर मंजू कुमारी, देवरी प्रखंड अध्यक्ष विमल सिंह, महसार इमाम, उमेश तिवारी, आलमगीर आलम, कृष्णा सिंह ,महमूद अली खान, साबिर हुसैन लाडला, मुकेश साह ,अशोक विश्वकर्मा ,सैफुद्दीन खान ,सुलेमान अख्तर, राजेश्वरी समेत दर्जनों कांग्रेसी उपस्थित थे।