गिरिडीह झारखण्ड धर्म

22-23 अक्‍टूबर को कर लें ये एक काम, धन कुबेर और शनि देव की कृपा कर देगी मालामाल

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इस साल धनतेरस और दिवाली के मौके पर ग्रह-नक्षत्रों के अद्भुत संयोग बन रहे हैं। 22 अक्‍टूबर की शाम से कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि शुरू होगी, जो 23 अक्‍टूबर तक रहेगी। 23 अक्‍टूबर को ही शनि अपनी ही राशि मकर में मार्गी होंगे। शनि का विशेष संबंध शमी के पौधे से है। शनि को शमी का पौधा बहुत प्रिय है। वहीं धनतेरस का दिन धन कुबेर को समर्पित है। ऐसे में धनतेरस के दिन शमी का पौधा लगाना शनि देव और कुबेर देव दोनों की कृपा दिलाता है। शमी का पौधा मां लक्ष्‍मी को भी प्रिय है।

शमी का पौधा लगाएं

हिंदू धर्म में शमी को पूजनीय और चमत्कारी पौधा माना गया है। वास्‍तु शास्‍त्र और ज्‍योतिष शास्‍त्र में भी शमी के पौधा को धन देने वाला पौधा माना गया है। जिस घर में शमी का पौधा हो और उसकी पूजा होती है, वहां कभी भी धन की कमी नहीं होती है। मां लक्ष्‍मी ऐसे जातकों को खूब धन देती हैं। साथ ही शनि देव भी कृपा करते हैं। खासतौर पर जो लोग शनि की साढ़े साती या ढैय्या से ग्रस्‍त हों उन्‍हें शमी के पौधे की पूजा जरूर करनी चाहिए।

शमी की पूजा से होंगे ढेरों लाभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धनतेरस या दिवाली पर घर में शमी का पौधा लगाएं और उसकी विशेष पूजा-अर्चना करें। इसके बाद रोज शमी के पौधे में सुबह स्‍नान करके ताजा जल अर्पित करें। साथ ही शाम के शमी के नीचे घी का दीपक जलाएं। इससे घर की नकारात्‍मक ऊर्जा नष्‍ट होगी। घर के सदस्‍यों की तेजी से तरक्‍की होगी। जीवन के कष्‍ट दूर होंगे।