गिरिडीह झारखण्ड धर्म

गुरूनानक देव जी का प्रकाश पर्व शबद कीर्तन, लंगर व भव्य आरती के साथ सम्पन्न, गुरूवाणी से सात-संगत हुई निहाल

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सतगुरू नानक प्रगटिया मिट्टी धुंध जग चानन होवा, नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाणे सर्बत दा भला, नानक नाम जहाज है चढ़े सो उतरे पार, जैसे कई गुरूनानक देवजी के बोल वचन से गिरिडीह शहर भक्तिमय हो गया। मौका था गुरूनानक देव जी की 553 वें जन्मोत्सव का। मंगलवार को भव्य रूप से गिरिडीह सिक्ख समाज के द्वारा गुरूनानाक देव जी का 553वां प्रकाश पर्व मनाया गया। जन्मोत्सव को लेकर स्टेशन रोड स्थित गुरूद्वारे में अखंड पाठ का समापन मंगलवार को गुरूनानक जयंती के अवसर पर हो गया। इस मौके पर 2-6 नवम्बर तक रोजाना सुबह पांच बजे पंजाबी मुहल्ला स्थित गुरूद्वारे से प्रभात फेरी का आयोजन किया गया था। साथ ही 7 नवंबर को स्टेशन रोड स्थित गुरूद्वारा से गुरूनानक देव जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई थी।

वहीं 8 नवम्बर को गुरु नानक जयंती के अवसर पर दिन व संध्या में विशेष दिवान सजाया गया था। गुरूनानक जयंती के मौके पर लुधियाना के भाई बलकार सिंह जी वीर ने अपने पूरे जत्थे के साथ सात-संगत को कीर्तन सुनाकर निहाल कर दिया। रागी जत्था की टीम ने उपस्थित सात-संगत को गुरूवाणी का उपदेश देते हुए कहा कि गुरूनानक देव जी आपसी भाईचारे के प्रतीक थे। उन्होंने विश्व में फैली कुरीतियों को दूर करने का काम किया था। इसलिए उनके बताये गये मार्गो पर चलने की जरूरत है ताकि देश में भाई चारे का माहौल बना रहे। मौके पर गुरूद्वारें को काफी आकर्षक तरीके से सजाया गया था। दिन के 12 बजे से शबद-कीर्तन का दौर चालू हुआ और दोपहर 2ः30 बजे तक चला। स्थानीय रागी जत्था भाई सुबोध सिंह के द्वारा भी भजन कीर्तन प्रस्तुत किया गया।इसके बाद अरदास हुई।

गुरु पर्व में विधायक सुदिव्य कुमार सोनू , डिप्टी मेयर प्रकाश सेठ समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए और भजन कीर्तन सुना और लंगर ग्रहण किया। इस दौरान गुरुद्वारा के प्रधान डॉ गुणवंत सिंह मोंगिया ने अतिथियों को सिरोपा देकर सम्मानित किया।

मौके पर भव्य लंगर का भी आयोजन किया गया। इधर लंगर में सिक्ख समुदाय के अलावा अन्य समुदाय के लोगों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और लंगर का आनंद उठाया। रात्रि में पंजाबी मुहल्ले गुरूद्वारे में भी शब्द – कीर्तन ओर लंगर का आयोजन किया गया और गुरूनानक देव जी की आरती हुई। इस दौरान विभिन्न प्रकार की सेवा देने वालों को गुरूद्वारा कमिटी की और फिर सम्मानित किया गया। मौके पर प्रधान गुणवंत सिंह मोंगिया ने कहा कि गुरूनानक जयंती खुशियों और अनन्द का उत्सव है। उन्होंने गिरिडीह वासियों को गुरूनानक जयंती पर बधाई दी। सचिव सम्मी सलूजा ने कहा कि मन की बुराईयों से दूर करके इसे सत्य इमानदारी व सेवा भाव से प्रकाशित करना ही प्रकाश पर्व है। इस मौके पर छोटे – छोटे बच्चों और महिलाओं के द्वारा भी कीर्तन किया गया। मौके पर गुरूद्वारा गुरूसिंह सभा के अमरजीत सिंह सलुजा, चरणजीत सिंह, देवेंद्र सिंह, कुंवरजीत सिंह, राजु चावला, राजेंद्र सिंह बग्गा, परमजीत सिंह कालू, तरणजीत सिंह सलूजा, सतविंदर सिंह सलूजा, रोबी चावला, प्रिंस सलूजा, कुशल सलूजा, बलविंदर सिंह, हरमिंदर सिंह बग्गा, गुरूदीप सिंह बग्गा, सहित काफी संख्या में सिख समाज के महिला – पुरूष व बच्चें मौजूद थे।