सिक्खों के 10वें गुरू गुरू गोबिंद सिंह जी का 355 वां प्रकाश पर्व स्टेशन रोड स्थित गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में बड़े ही धूमधाम व उल्लास पूर्वक मनाया गया । कोरोना को देखते हुए कोविड गाईड लाईन का पालन किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा में विशेष दीवान का आयोजन किया गया। गुरूद्वारे को आकर्षक रंग बिरंगे फूलों व रोशनी से सजाया गया था। पंजाब के बरनाला से आए हुए भाई कुलवीर सिंह जी व उनके जत्था के द्वारा ‘‘राजन के राजा, महाराजन के महाराजा ऐसो राज छोड़ अउर दूजा कउन धिआईऐ जैजै कार करे सभु कोई’’, ‘‘खालसा मेरो रूप है खास’’ जैसे कई शबद प्रस्तुत किए। जिसे सुनकर सात संगत निहाल हो गई। कीर्तन के माध्यम से संगतों को बताया कि मानव को अपने जीवन में सुख शांति पाने के लिए जात पात का त्याग करना चाहिए व सबों को एक सूत्र में बांधने का प्रयास करना चाहिए। गुरूद्वारा के प्रधान मुख्य सेवक गुणवंत सिंह मोंगिया व सचिव सम्मी सलूजा ने बताया कि गुरूगोबिंद सिंह जी की जयंती को लेकर 22 दिसम्बर से 9 जनवरी तक अखंड पाठ का आयोजन किया गया था, जिसका समापन आज हो गया। वहीं 4 जनवरी से लेकर 8 जनवरी तक पांच प्रभात फेरियां निकाली गई। श्री मोंगिया ने बताया कि गुरु गोबिन्द सिंह सिक्खो के दसवें धार्मिक गुरु थे।
वे एक गुरु ही नहीं बल्कि एक महान दार्शनिक, प्रख्यात कवि, निडर एवं निर्भीक योद्धा, अनुभवी लेखक और संगीत के पारखी भी थे। वे सिर्फ 9 वर्ष की आयु में सिक्खों के नेता बने एवं अंतिम सिक्ख गुरु बने रहे। गुरु गोबिंद सिंह जी ने न सिर्फ अपने महान उपदेशों के माध्यम से लोगों को सही दिशा दिखाई, बल्कि उन्होंने समाज में हो रहे अत्याचारों और अपराधों के खिलाफ भी विरोध किया एवं खालसा पंथ की स्थापना की, जो को सिख धर्म के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना के तौर पर अंकित है। इस दौरान गुरूद्वारे में लंगर का आयोजन किया गया जिसमें काफी संख्या में लोगों ने सिरकत की। मौके पर गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा के उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह सलूजा, परमजीत सिंह दुआ, ट्रेजरर राजेंद्र सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी गुरविंदर सिंह, तरणजीत सिंह बंटी, तरणजीत सिंह जिम्मी, हर्षदीप सिंह, राजेंद्र सिंह बग्गा, देवेंद्र सिंह, गुरूदीप सिंह बग्गा, हरमिंदर सिंह बग्गा, कुंवरजीत सिंह, अवतार सिंह, त्रिलोचन सिंह, गुरभेज सिंह कालरा, सुधीर आनन्द, रिसी चावाला, राजू चावला समेत समाज के कई महिला-पुरूष मौजूद थे।
गुरूद्वारा सिंह सभा के नई कमिटी की हुई घोषणा
गुरू गोबिंद सिंह जी की जयंती के अवसर पर गुरूद्वारा परिसर में गुरूद्वारे के प्रधान मुख्य सेवक गुणवंत सिंह मोंगिया के द्वारा नई कमिटी की घोषणा की गई जिसमें स्वयं प्रधान गुणवंत सिंह मोंगिया, सचिव नरेंद्र सिंह सलूजा उर्फ सम्मी, सिनियर वाईस प्रेसिडेंट चरणजीत सिंह सलूजा, वाई प्रेसिडेंट परमजीत सिंह दुआ, ट्रेजरर राजेंद्र सिंह, संयुक्त सचिव गुरविंदर सिंह सोनू, तरणजीत सिंह सलूजा उर्फ बंटी, तरणजीत सिंह जिम्मी, हर्षदीप सिंह ट्वींकल के नाम की घोषणा प्रधान मुख्य सेवक के द्वारा की गई।