गिरिडीह झारखण्ड धर्म

महालया अमावस्या कल, कलश स्थापना से एक दिन पहले जरूर करें ये काम

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वैदिक पंचांग के अनुसार, 15 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होने जा रहा है। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना की जाती है। लेकिन नवरात्रि पर्व शुरू होने से एक दिन पहले महालया अमावस्या तिथि पड़ती है। इस विशेषण पर पूजा-पाठ और स्नान-ध्यान करने से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है। साथ ही महालया के दिन साधक को कुछ विशेष कार्य करने चाहिए।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना करने से साधक को विशेष लाभ मिलता है। लेकिन इससे पहले यानि महालया के दिन खुद को पवित्र जरूर करें और पूजा के समय दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें। स्नान के समय पानी में गंगाजल मिलकर ही स्नान करें। ऐसा करने से पवित्रता बनी रहती है। इस दिन नए वस्त्र पहनकर पूजा करने से लाभ मिलता है। साथ ही महलया के दिन नवरात्रि पर्व से संबंधित चीजों की खरीदारी जरूर करें। 

 

महालय का महत्व

हिंदू धर्म में महालया अमावस्या तिथि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन पितरों की पूजा करने से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है। साथ ही महालया के दिन पितृपक्ष का समापन हो जाता है। मान्यता है कि इस दिन पिंडदान और तर्पण इत्यादि कर्म करने से पितरों को जीवन-मृत्यु के चक्र से मुक्ति प्राप्त होती है और श्री हरि के चरणों में स्थान प्राप्त होता है। यदि कोई व्यक्ति अपने पूर्वजों के मृत्यु की तिथि याद नहीं रख पाता है, उन्हें इस दिन तर्पण और पिंडदान जरूर करना चाहिए।