चार दिवसीय चैती छठ महापर्व के आज दूसरे दिन खरना के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया। शाम को छठव्रतियों ने घरों में मिट्टी के चूल्हे में आम की लकड़ी जला कर गुड़, अरवा चावल व दूध से मिश्रित रसिया बनाया और मां षष्ठी को भोग लगाने के बाद खरना का प्रसाद ग्रहण किया।
कल रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सोमवार को सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियां व्रत का पारण करेंगी। इसके साथ ही चैती छठ महापर्व संपन्न होगा।