शक्ति संवर्धन 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन आज 10 फरवरी 2025 को गायत्री शक्तिपीठ गिरिडीह के प्रांगण में नवनिर्मित मंदिर में प्रगेश्वर महादेव, माता पार्वती, श्री गणेश, श्री कार्तिकेय एवं श्री हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई ,साथ में महादेव की सवारी नंदी की भी प्राण प्रतिष्ठा की गई। उसके उपरांत 24 कुंडीय यज्ञशाला में आज पुनः सैकड़ों लोगों ने अपने हाथों से यज्ञ भगवान को आहुतियां प्रदान कर अपने जीवन की एक-एक बुराइयों को छोड़ने एवं एक-एक अच्छे गुण धारण करने का संकल्प लिया, साथ ही गायत्री महामंत्र का नियमित जप करने , सबके कल्याण एवं राष्ट्र की उन्नति एवं प्रगति की प्रार्थना की।
इस अवसर पर शांतिकुंज से आए हुए भाइयों के द्वारा विभिन्न प्रेरणाप्रद गीतों के द्वारा लोगों को जीवन का क्या उद्देश्य है यह बतलाया।
इस शुभ अवसर पर शांतिकुंज से पधारे बालक राम रत्न मूल ने कहा कि आज के युग में वैवाहिक संबंध विच्छेद ,पारिवारिक झगड़े ,परिवार में श्रेष्ठ संस्कारों का अभाव , अनाचार, अत्याचार ,भ्रष्टाचार की समस्या व्याप्त है l शंकर जैसा निर्लोभी पति ,माता पार्वती जैसी त्यागी दयालु माता, दो पुत्र क्रमशः श्री गणेश सद्बुद्धि के देवता एवं कार्तिकेय जैसा सत्कर्म करने वाला पुत्र पूरे दुनिया का यह परिवार सर्वश्रेष्ठ परिवार है। भगवान भोलेनाथ की सवारी नंदी श्रम का प्रतीक है। वर्तमान समय में ऐसे ही आदर्श परिवार की आवश्यकता है l संस्कारों में कमी के कारण ही समाज ,परिवार एवं राष्ट्र में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो गई है l शांतिकुंज हरिद्वार के द्वारा लगातार झारखंड सहित भारत के सभी जिलों में 24 कुंडीय, 51 कुडीय एवं 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञों का आयोजन कर संस्कारों की परंपरा को पुनः स्थापित किया जा रहा है एवं लोगों के अंदर सत्प्रवृत्ति जगाया जा रहा है l आज संपन्न गायत्री महायज्ञ 15 बच्चों का मुंडन ,38 बच्चों का विद्याराम ,8 बच्चों का अन्नप्राशन ,11 बच्चों का नामकरण संस्कार एवं 65 लोगों ने गायत्री महामंत्र की दीक्षा ग्रहण कर वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को अपने जीवन में गुरु वरण कर सबके कल्याण एवं राष्ट्र के उत्कर्ष हेतु नियमित तीन माला गायत्री महामंत्र जप का संकल्प लिया। आज संध्या 1008 दीप प्रज्वलित कर दीप महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा l
आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में दयानंद प्रसाद,सुरेंद्र बरनवाल, जय प्रकाश राम,
कामेश्वर सिंह, तुलसी पंडित,यशोदा देवी,अरुण कुमार, कंचन देवी ,लीलावती तरवे ,अमित कुमार, बबीता श्रीवास्तव , रत्ना सिंहा, रंजू वैश्खियार, सीता गुप्ता ,हरिशंकर चंद्राकर ,लाल बाबा ,शीला देवी, बेबी देवी, उमा गुप्ता सहित गायत्री परिवार के सभी भाइयों एवं बहनों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ।