गिरिडीह झारखण्ड

बेटे और बहू ने मिलकर रची थी लूट की झूठी साजिश, गिरिडीह पुलिस ने दो घंटे के अंदर किया खुलासा

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गिरिडीह पुलिस ने लूट की एक झूठी साजिश का मात्र दो घंटे के अंदर ही खुलासा कर लिया। इस मामले में पुलिस ने घर के बेटे और बहू को हिरासत में ले लिया। इतना ही नहीं घर के बगल में ही खाली पड़ी जमीन में फेंकी गई मोटरी में बंद जेवरात और नगदी समेत अन्य सामान बरामद कर लिया।
दरअसल पूरा मामला यह है कि बीती रात को मुफस्सिल थाना पुलिस को सूचना मिली कि गरहाटांड घाटीफील्ड के समीप रहने वाले सिविल सर्जन के ड्राइवर दिलीप सिंह के घर आधा दर्जन की संख्या में पहुंचे नकाबपोश अपराधियों ने दिलीप सिंह की पुत्रवधू सुरुचि सिंह को नशीला पदार्थ सूंघा कर करीब दस लाख रुपये के जेवरात समेत 1.25 लाख रुपये लूट लिया। मामला सामने आने के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई लेकिन गिरिडीह पुलिस ने जब छानबीन शुरू की तो मामला चौकाने वाला निकला। 

मामले की जानकारी मिलने पर गिरिडीह एसपी ने एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह, मुफ्फसिल थाना प्रभारी कमलेश पासवान, नगर थाना प्रभारी आदिकान्त महतो को घटनास्थल पर भेजा। जब अधिकारी घटना स्थल पर छानबीन शुरू की। तो जिस महिला को कथित तौर पर नशीला पदार्थ सुंघाया था वह होश में मिली। उसने यह बताया कि शाम को उसकी सास रिंकू देवी मुहल्ले में गई थी। घर में नीचे तल्ले पर वह अकेली थी। तभी पांच अपराधी आये और उसे नशीला पदार्थ सुंघाया और लूट कर ली। सुरुचि ने घटना का समय शाम के 6 से सवा 6 बजे के बीच बताया। जबकि पुलिस लगभग 7: 30 में पहुंच चुकी थी। डेढ़ घन्टे में महिला का होश में आने से पुलिस को शक पैदा कर दिया।

सुरुचि ने यह भी बताया कि घटना के समय उसके पति अभिषेक कुमार सिंह उर्फ छोटू मकान के ऊपर तल्ले में थे। यहां हर बिंदू पर जांच शुरू की। जांच के क्रम में एसडीपीओ को एक पड़ोसी ने बताया कि शाम के समय एक लड़की को दिलीप सिंह के घर पीछे की तरफ देखा गया था। यहीं पर पुलिस का दिमाग ठनक गया। पुलिस अधिकारी दिलीप सिंह के घर के अगल बगल की बाउंड्री में छानबीन शुरू की। यहीं पर झाड़ियों में एक कपड़े की पोटली में काफी जेवरात मिला। इसके बाद सुरुचि सिंह और उसके पति छोटू से पूछताछ से पूछताछ शुरू की गई। दोनों पुलिस के समक्ष टूट गए और घर के अंदर गिट्टी समेत अन्य स्थानों पर छिपाकर कर रखे गए नगदी व अन्य जेवरात को सामने ला दिया।